कोई हमदर्द होता नहीं सिर्फ़ हम होते हें
दो पल हम साथ चलते है फिर अलग हो लेते हें
हर किसी को अपनी मंजिल बुलाती है
फिर हम..हम और वो..वो हो लेते हैं
होंशलें बुलंद हो तो कुछ थमता नहीं
यकीन अडीक हो तो रास्ता रुकता नहीं
कोशिश तो करो आगे बढ़ने कि
शायद कामयाबी ही तुम्हें चूम ले